Contact to us

A Journey Never Started

By Babloo Krsna Das

एक बार एक आदमी पहाड़ पर चढ़ना चाहता था वह हर रोज उस पहाड़ की चोटी को देखता और सोचता कि उस पहाड़ की ऊंचाई कितनी होगी? और पहाड़ की चोटी से पूरा गांव कैसा दिखता होगा?  ना जाने कितने ही आश्चर्य से भरा होगा ‘यह पहाड़’?

उन्होंने हमेशा देखा कि पहाड़ की तरफ से आने वाले लोग बहुत खुश थे और उनके चेहरे पर बड़ी मुस्कान थी। उनकी खुशी के पीछे का कारण जानने के लिए वह इतना उत्सुक था और एक दिन  उस व्यक्ति ने पहाड़ से आए हुए यात्री से पूछा कि पहाड़ पर किस रास्ते से गए थे? वहां से पूरा गांव कैसा दिखता है ? और कितने सारे आश्चर्य इस पहाड़ में भरे हुए हैं?

उस यात्री ने उस पहाड़ पर जो जो देखा था वह सब कुछ बताया। लेकिन फिर भी वह उस पहाड़ के बारे में अधिक जानकारी की तलाश कर रहा था और चोटी के अधिक रहस्यों को जानने का प्रयास कर रहा था। उसके बाद उस व्यक्ति ने दूसरे यात्री से पूछा कि वह पहाड़ पर किस रास्ते से गया था और वहां उसने क्या देखा?  तो दूसरे यात्रियों ने भी उसे पहाड़ पर जो कुछ उन्होंने महसूस किया, अनुभव किया  और देखा था उसके बारे में सब कुछ बताया। वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति, हर यात्री से उस व्यक्ति ने उस पहाड़ के बारे में पूछा कि वह पहाड़ ऊपर से कैसा दिखता है? वहां से गांव कैसा दिखता है? और पहार तक जाने का रास्ता कैसा है?

जब वहां से हर एक यात्री गुजर चुका था तो उस व्यक्ति को लगा कि वह पहाड़ के बारे में अब सब कुछ जान चुका है और अब उसे उस पहाड़ पर जाने की जरूरत नहीं है।

और जानते हैं क्या हुआ वह उस पहाड़ पर कभी चढ़ा ही नहीं।

उस व्यक्ति के द्वारा उस पहाड़ के बारे में सारा ज्ञान लेने के कारण और दूसरों से जानने की कारण उस व्यक्ति ने कभी वह पहाड़ चढ़ना ठीक ही नहीं समझा। 

बेशक पहाड़ के बारे में  सब कुछ जान चुका था लेकिन वह अपनी जिंदगी में कभी भी उस पहाड़ के बारे में भावनाओं के साथ किसी भी दृश्य और सौंदर्य  को समझा नहीं सकता क्योंकि जिस काम को हम अनुभव नहीं कर सकते उस काम को हम कभी महसूस नहीं कर सकते हम उस में कभी भी सही रूप से स्पष्टता नहीं ला सकते।

More Clarity Equals More Better Decision

It is easy to share knowledge with words but hard to share feelings of that experience and experience of Clarity

यह कहानी हमारे जीवन में भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि हम सब अपनी जिंदगी में ज्ञान को तो एकत्रित कर लेते हैं लेकिन उस ज्ञान को महसूस करना अनुभव करना भूल जाते हैं।

In our life we should also feel and experience our life not only just get knowledge about it.